रातें ..
एक रात अधूरी
बाकी सारी
खामोशी में , कटती जाये
जाग रहे हैं
दिन जो बीते,
जाग रहे सब कल के साए
रात गयी तो बात गयी क्या?
किसने जाने जाल बिछाए ..
कसमें, वादे , झूठी बातें
लौट लौट फिर गूंगी आयें
गूंगी तो क्या ?
जब टकरायीं दिल से मेरे
गूँज गूँज कर फिर चिल्लाएं
आधी रात बिसर गयी कैसे
कैसे बाकी रात बिताएं ?
एक रात अधूरी
बाकी सारी
खामोशी में , कटती जाये
जाग रहे हैं
दिन जो बीते,
जाग रहे सब कल के साए
रात गयी तो बात गयी क्या?
किसने जाने जाल बिछाए ..
कसमें, वादे , झूठी बातें
लौट लौट फिर गूंगी आयें
गूंगी तो क्या ?
जब टकरायीं दिल से मेरे
गूँज गूँज कर फिर चिल्लाएं
आधी रात बिसर गयी कैसे
कैसे बाकी रात बिताएं ?
4 comments:
Amazing one. I nvr knew U write so good!
Thanks :) but you're nothing lesser i'd say !
Rula diya!
This is not for you to cry, this one is for you to learn - what & where, is known to yourself :-)
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